क्लिटोरिस (भगशेफ) के बारे में आपको क्या जानना चाहिए?

क्लिटोरिस (भगशेफ) महिलाओं का एक यौन अंग है, जिसे शरीर का सबसे संवेदनशील और कामोत्तेजक अंग माना जाता है। जो योनि (वल्वा) के भीतरी होंठों (लेबिया माइनोरा) के मिलन बिंदु पर और मूत्रमार्ग के ठीक ऊपर स्थित होता है। उत्तेजित होने पर भगनासा यौन संवेदनाएं पैदा करती है और महिलाओं में, इसके पूरी तरह से उत्तेजित होने से चरम सुख (ऑर्गेज्म) पाने का आनंद कई गुणा बढ़ जाता है।

आपका भगशेफ आपका सबसे संवेदनशील कामुक क्षेत्र है। यह आपको यौन सुख का अनुभव करने में सक्षम बनाता है। यह समझना कि किस प्रकार का स्पर्श अच्छा लगता है (और कब) आपके यौन जीवन को बेहतर बना सकता है।

शरीर के किसी भी अन्य अंग की तुलना में क्लिटोरिस (भगशेफ) में सबसे ज़्यादा तंत्रिका सिरे होते हैं और इसका एकमात्र काम आपको यौन आनंद देना है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बहुत सी महिलाओं को अपने भगशेफ के बारे में जरा भी जानकारी नहीं कि वह शरीर में कहाँ पर स्थित है। यहाँ भगनासा के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है, जिसे जानना आपके लिए अतिआवश्यक है।

इस लेख के माध्यम से, हम आपको क्लिटोरिस (भगशेफ) की शारीरिक संरचना (आंतरिक और बाहरी), रक्त आपूर्ति, तंत्रिका तंत्र, और यौन उत्तेजना के दौरान इसके कार्य के बारे में विस्तार से बताएंगे।

क्लिटोरिस (भगशेफ) क्या है?

क्लिटोरिस आपके प्रजनन अंगों का वह हिस्सा है, जो यौन आनंद (प्लेज़र) का केंद्र बिंदु होता है।

कई लोग क्लिटोरिस को जननांग (वल्वा) के ऊपरी हिस्से पर मौजूद मांस का एक छोटा सा हिस्सा समझते हैं, लेकिन यह क्लिटोरिस का केवल वह हिस्सा है, जिसे आप देख सकते हैं।

क्लिटोरिस उत्तेजित होने वाले ऊतकों और नसों का एक जटिल जाल है, जिसके कुछ हिस्से शरीर के बाहर और कुछ अंदर स्थित होते हैं।

क्लिटोरिस को उत्तेजित करने से आप यौन रूप से उत्तेजित महसूस कर सकती हैं। इससे यौन तनाव की भावनाएं तब तक बढ़ सकती हैं, जब तक आप चरमोत्कर्ष (ऑर्गेज्म) तक न पहुँच जाएँ।

भले ही बहुत सी महिलायें चरमसुख के आनंद से वंचित रह जाती हों, फिर भी उत्तेजित क्लिटोरिस (भगशेफ) पर हल्के स्पर्श से मिलने वाली सनसनी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) का क्या काम है?

क्लिटोरिस का एक एकमात्र उद्देश्य है आपको यौन आनंद (यौन सुख) का अनुभव कराना।

हालाँकि, आपकी पूरी योनि (वल्वा) अत्यधिक संवेदनशील होती है, यानी शरीर का वह हिस्सा, जिसे स्पर्श करने या सहलाने पर यौन उत्तेजना या कामुकता महसूस होती है। भगशेफ आपकी योनि (वल्वा) का बहुत ही कामुक अंग है, जो सबसे तेज और सबसे सुखद यौन संवेदनाएँ पैदा करके आपके शरीर को रोमांचकारी सिहरन से भर देता है।

आपकी क्लिटोरिस हर तरह के स्पर्श के प्रति संवेदनशील होती है। सबसे ज़्यादा आनंद देने वाला स्पर्श हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है।

आपकी क्लिटोरिस (भगशेफ) आपकी उंगली, सेक्स टॉय या साथी की जीभ या लिंग के स्पर्श मात्र से ही पूरी तरह से उत्तेजित हो सकती है। योनि में उंगली, सेक्स टॉय या लिंग के घुसने से, योनि की दीवार से मिलने वाली यौन संवेदना से भी भगनासा उत्तेजित हो सकती है।

आप अकेले या अपने पार्टनर के साथ यह पता लगा सकती हैं कि आपको क्या पसंद है और क्या नहीं। इससे आपको यह जानने और समझने में मदद मिलेगी कि संभोग के समय आपको क्या सबसे अधिक आनंदित करता है।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) की शारीरिक संरचना?

ज़्यादातर लोग क्लिटोरिस को मांस का एक छोटा सा बटन समझते हैं, जो आपके बाहरी जननांग योनि (वल्वा) का सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है, लेकिन आपका क्लिटोरिस आपके श्रोणि गुहा (पेल्विक कैविटी) के भीतर भी स्थित होता है।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) का बाहरी भाग

आपके क्लिटोरिस का जो हिस्सा शरीर के बाहर होता है, वह योनि (वल्वा) के सबसे ऊपरी हिस्से में स्थित होता है।

क्लिटोरिस के ठीक नीचे मूत्रमार्ग (वह छेद जहाँ से पेशाब निकलता है), योनिद्वार (वह छेद जहाँ लिंग प्रवेश करता है), पेरिनियम (योनिद्वार और गुदा के बीच का हिस्सा) और गुदा (मलद्वार) होते हैं।

भगशेफ और योनिद्वार के दोनों तरफ त्वचा की दो परतें होती हैं, जिन्हें योनि के भीतरी होंठ (लेबिया माइनोरा) कहा जाता है। जबकि, योनि के बाहरी होंठ को (लेबिया मेजोरा) जो आपके भीतरी होंठों को घेरे रहते हैं।

क्लिटोरिस के ठीक ऊपर, जघन हड्डी (प्यूबिक बोन) के ऊपर त्वचा का एक उभार होता है, जिसे मॉन्स प्यूबिस कहा जाता है।

करीब से देखने पर, आपके क्लिटोरिस के जो हिस्से शरीर के बाहर होते हैं, उनमें शामिल हैं:

  • भगशिश्न मुंड (ग्लान्स क्लिटोरिस): जब लोग ‘क्लिटोरिस’ (या ‘क्लिट’) की बात करते हैं, तो असल में उनका मतलब ‘भगशिश्न’ (ग्लान्स) से होता है। यह एक छोटा सा उभार होता है, जो मूत्र मार्ग के ठीक ऊपर स्थित होता है। ग्लान्स में बहुत सारी तंत्रिका अंत होती हैं, जो इसे छूने पर बेहद संवेदनशील बना देती हैं।
  • क्लिटोरल हुड: यह त्वचा की एक तह होती है, जो योनि के अंदरूनी होंठ (लेबिया माइनोरा) के जुड़ने वाली जगह पर एक हुड बनाती है और क्लिटोरिस के ऊपरी हिस्से (ग्लान्स क्लिटोरिस) को ढंकती है। यह क्लिटोरल हुड आपके ग्लान्स को पूरी तरह से, आंशिक रूप से, या बिल्कुल भी नहीं ढक सकता है।

क्लिटोरिस (भगशेफ) का अंदरूनी भाग

आपके शरीर के अंदर, क्लिटोरिस का आकार उल्टे ‘विशबोन’ (Wishbone) जैसा होता है, जिसमें भगशेफ का मुख्य हिस्सा शाखाओं की तरह फैलकर V-आकार बनाता है।

  • बॉडी (कॉर्पोरा): आपके क्लिटोरिस का मुख्य हिस्सा (कॉर्पोरा) आपके ग्लान्स के पीछे स्थित होता है। इसे एक ऐसी ‘विशबोन’ (Wishbone) के ऊपरी हिस्से की तरह समझें, जो दो भागों में बंटी नहीं है। यह हिस्सा नीचे की ओर जाता है और आगे चलकर दो शाखाओं में बंट जाता है, जिन्हें ‘क्रुरा’ (Crura) कहा जाता है।
  • क्रुरा (Crura): क्रुरा दो ऐसे हिस्से हैं, जो क्लिटोरल की बॉडी से निकलते हैं। ये आपके क्लिटोरिस (भगशेफ) के सबसे लंबे हिस्से होते हैं। ये दोनों मिलकर एक उल्टे “V” जैसा आकार बनाते हैं और आपकी योनि नलिका और मूत्रमार्ग (पेशाब की नली) को घेरे रहते हैं।
  • वेस्टिबुलर (क्लिटोरल) बल्ब: वेस्टिबुलर बल्ब आपके क्रुरा और योनि की दीवार के बीच स्थित होते हैं। क्रुरा की तरह ही, वेस्टिबुलर बल्ब भी एक जोड़ीदार संरचना में होते हैं। जब आप यौनरूप से पूरी तरह से उत्तेजित होती हैं, तो ये रक्त से भर जाते हैं और फूलकर अपने आकार से दोगुने हो जाते हैं।
  • मूल (Root): उत्तेजित होने वाले ऊतकों से निकलने वाली नसें, जो आपके क्लिटोरिस की विभिन्न संरचनाओं का निर्माण करती हैं, ‘मूल’ (Root) पर आकर मिलती हैं। यह मूल उस जगह पर स्थित होता है, जहाँ ‘क्रुरा’ (Crura) के हिस्से आपस में मिलते हैं।

क्लिटोरिस और G-स्पॉट (ग्राफेनबर्ग स्पॉट) के बीच के संबंध के बारे में शोध चल रही है। G-स्पॉट योनि के अंदर कुछ इंच की दूरी पर स्थित एक ऐसी जगह है, जिसे उत्तेजित करने पर बहुत अधिक आनंद मिल सकता है। आप अपनी उंगली को योनि के अंदर डालकर और सामने की दीवार की तरफ ‘अपनी ओर बुलाने’ जैसा इशारा करके इसे महसूस कर सकती हैं।

यह स्थान आनंददायक महसूस हो सकता है, क्योंकि यह वह जगह है जहां आपके भगशेफ के वेस्टिबुलर बल्ब योनि की दीवार से रगड़ खाते हैं। अगर ऐसा है, तो योनि के ज़रिए मिलने वाला चरमोत्कर्ष क्लिटोरिस के उत्तेजित होने से जुड़ा हो सकता है।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) कैसा दिखता है?

आप इसे किस नज़रिए से देख रही हैं, उसके आधार पर क्लिटोरिस अलग-अलग दिख सकता है।

क्लिटोरिस का वह हिस्सा जिसे आप देख सकती हैं (ग्लान्स), वह मांस का एक छोटा सा उभार जैसा दिखता है, यह एक हुड (क्लिटोरल हुड) से ढका होता है और इसके चारों ओर त्वचा की सिलवटें (योनि के भीतरी होंठ) घेरे रहती हैं।

क्लिटोरिस के ग्लान्स की तुलना अक्सर मटर के दाने या फूल की कली से की जाती है। पूरे क्लिटोरिस को दिखाने वाले ज़्यादातर चित्रों में इसे ‘विशबोन’ (wishbone) जैसा दिखाया जाता है, जिसमें क्लिटोरिस के दोनों हिस्से (क्रुरा) योनि की दीवार के साथ-साथ फैले होते हैं।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) कितना बड़ा होता है?

अगर आप ग्लान्स क्लिटोरिस की बात कर रही हैं, तो यह महिला जननांग का वह हिस्सा जिसे आप देख सकती हैं, वह लगभग मटर के दाने जितना होता है।

लेकिन याद रखें, क्लिटोरिस सिर्फ़ नर्व एंडिंग्स से भरा एक छोटा सा नब नहीं है, क्योंकि क्लिटोरिस (भगशेफ) का अंदरूनी हिस्सा जो योनि (Vagina) के दोनों तरफ फैला होता है, लगभग पाँच इंच तक लंबा हो सकता है।

असल में, क्लिटोरिस (भगनासा) औसत खड़े लिंग के आकार से ज़्यादा अलग नहीं है, इसलिए कि इसमें भी लिंग (पेनिस) की तरह “स्पंजी स्तंभन ऊतक” होते हैं, जो औरत के यौन रूप से उत्तेजित होने पर खून से भर जाते हैं।।

आपका पूरा क्लिटोरिस, ग्लान्स से लेकर क्रुरा तक, लगभग 3.5 से 4.25 इंच (7 से 10 सेमी) लंबा और लगभग 2.5 इंच चौड़ा होता है। ग्लान्स का व्यास लगभग 3/4 इंच से 1 इंच होता है।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) किस चीज़ से बना होता है?

आपके क्लिटोरिस में उत्तेजित होने वाले ऊतकों और नसों का एक जटिल जाल बिछा होता है, जो इसे आपका सबसे अधिक संवेदनशील कामोत्तेजक अंग बनाता है।

ग्लान्स को छोड़कर, क्लिटोरिस उत्तेजित होने वाले ऊतकों से बना होता है, जो उत्तेजित होने पर खून से भर जाता है और फैल जाता है। यह स्तंभन ऊतक लिंग (पेनिस) में मौजूद ऊतकों जैसा ही होता है।

जब आप उत्तेजित होती हैं, तो क्रुरा और वेस्टिबुलर बल्ब इतने फैल सकते हैं कि आपके लेबिया (भगोष्ठ) में सूजन पैदा कर सकते हैं। आपके सूजे हुए लेबिया आपके ग्लान्स को आंशिक रूप से या पूरी तरह से ढक सकते हैं। या फिर, इस सूजन की वजह से आपका ग्लान्स और भी ज़्यादा बाहर की तरफ निकल सकता है।

आपके शरीर के अंदर, सूजन योनि की दीवार पर दबाव डालती है। यह दबाव योनि के भीतर लुब्रिकेशन (चिकनाहट) को बढ़ावा देता है, जिससे आनंद की अनुभूति बढ़ती है और योनि में लिंग प्रवेश (पेनिट्रेशन) आसान हो जाता है।

आपका ग्लान्स तंत्रिका अंतों से भरा होता है जो इसे बहुत ज़्यादा संवेदनशील बनाता है। यह इतना संवेदनशील होता है कि सेक्स के दौरान इस पर बहुत ज़्यादा दबाव डालने या इसे सीधे छूने से इसमें दर्द हो सकता है।

आपके क्लिटोरिस में कई तंत्रिका तंतुओं के गुच्छे और तंत्रिका अंत होते हैं, जो इन संवेदनाओं को पैदा करते हैं। आपके क्लिटोरिस की कुछ महत्वपूर्ण नसें इस प्रकार हैं:

  • डोर्सल नर्व
  • पुडेंडल नर्व के कुछ हिस्से
  • कैवर्नस नर्व

क्लिटोरिस (भगशेफ) में कितने तंत्रिका सिरे होती हैं?

अकेले ग्लान्स में लगभग 8,000 तंत्रिका सिरे होते हैं। आपके क्लिटोरिस में आपके वल्वा के किसी भी दूसरे हिस्से से ज़्यादा तंत्रिका सिरे होते हैं।

ये सभी तंत्रिकाएं मिलकर कई तरह की सुखद संवेदनाएं पैदा कर सकती हैं; यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके क्लिटोरिस को किस तरह से छुआ जा रहा है और आप कितनी यौन उत्तेजित हैं।

भगशेफ का क्लिटोरल हुड क्या काम करता है?

तो, चलिए संक्षेप में बताते हैं। आपका क्लिटोरल हुड, क्लिटोरिस (भगशेफ) के सबसे संवेदनशील हिस्से ‘क्लिटोरल ग्लान्स’ की सुरक्षा करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह क्लिटोरिस के एक हिस्से को उसी तरह ढकता है, जैसे “हुडी” आपके सिर को ढकती है।

यह त्वचा का एक हिस्सा है, जो लघु भगोष्ठ (आंतरिक लेबिया) का ही विस्तार है और क्लिटोरिस के कुछ हिस्से को ढकता है। माना जाता है कि यह बहुत संवेदनशील क्लिटोरिस को, ज़रूरत न होने पर, किसी भी तरह की उत्तेजना से बचाने के लिए होता है। तो फिर, यह बहुत काम की चीज़ है।

आपकी क्लिटोरिस की तरह ही, क्लिटोरल हुड का आकार भी अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में यह ज़्यादा मांसल हो सकता है, जबकि दूसरों में यह पतला और कसा हुआ हो सकता है।

जब आप उत्तेजना महसूस करती हैं और आपकी क्लिटोरिस का आकार बढ़ता है, तो यह क्लिटोरल हुड को पीछे की तरफ धकेल देती है। यह बिल्कुल उसी तरह काम करता है जैसे शिश्नमुंड की चमड़ी (फोरस्किन) काम करती है। लेकिन क्लिटोरिस और लिंग की तुलना करने का केवल यही एक तरीका नहीं है।

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क्लिटोरिस (भगशेफ) को कैसे उत्तेजित करें?

  • अपनी योनि (वल्वा) को जानें: कुछ भी शुरू करने से पहले, अपने शरीर की बनावट को समझना ज़रूरी है। लेकिन, अपनी योनि (वल्वा) की खुद से जांच करने से पहले वल्वा की शारीरिक संरचना को समझना जरूरी है; इससे आपको भगशेफ के बारे में समझने में आसानी होगी।
  • प्यार से शुरुआत करें: इस प्रक्रिया की शुरुआत करते समय आप तनावमुक्त और सहज महसूस करें। जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है। क्लिटोरिस के आस-पास के हिस्से को छूकर शुरुआत करें। कुछ लोगों के लिए, क्लिटोरिस इतना संवेदनशील होता है कि उत्तेजित होने के लिए बस इतना ही काफी होता है। आप क्लिटोरिस के ऊपरी हिस्से को भी हल्के से छू या सहला सकते हैं।
  • चिकनाई का प्रयोग करें: आपको लग सकता है कि चिकनाई का प्रयोग करने से क्लिटोरल उत्तेजना अधिक आनंददायक हो जाती है, क्योंकि यह घर्षण को कम कर सकता है और उस जगह को सूखने से बचाता है।
  • अलग-अलग चीजें आज़माएं: हर किसी की पसंद अलग होती है। स्पर्श के प्रकारों के साथ प्रयोग करें, सेक्स खिलौने या किसी साथी को शामिल करें। आप यह भी देख सकती हैं कि योनि के अंदर उंगलियां, सेक्स खिलौने या लिंग डालने और भगशेफ को अंदर से उत्तेजित करने पर कैसा महसूस होता है।

कौन-सी स्थितियाँ और विकार क्लिटोरिस (भगशेफ) पर असर डाल सकते हैं?

कुछ ऐसी स्थितियाँ हैं जो आपके क्लिटोरिस को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें शामिल हैं:

क्लिटोरोमेगाली

‘क्लिटोरोमेगाली’ का मतलब है, क्लिटोरिस (भगशेफ) का सामान्य से अधिक बड़ा होना। ऐसा अक्सर भ्रूण के विकास के दौरान हार्मोनल असंतुलन विशेषकर पुरुष सेक्स हार्मोन (एंड्रोजन या टेस्टोस्टेरोन) का स्तर बढ़ने के कारण होता है।

इस विकार के कारण जन्मजात ‘कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया’ (CAH) हो सकता है। CAH की स्थिति में, आपका क्लिटोरिस एक छोटे लिंग जैसा दिख सकता है।

हार्मोन से संबंधित स्थितियाँ

हार्मोन असंतुलन से संबंधित पैदा होने वाली अन्य समस्याएँ, जैसे कि ‘पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम’ (PCOS) भी क्लिटोरिस के असामान्य रूप से बड़े होने का कारण बन सकती हैं।

आमतौर पर, जो स्थितियाँ आपके बाहरी जननांग (वल्वा) को प्रभावित करती हैं, वे आपके क्लिटोरिस को भी प्रभावित कर सकती हैं।

संक्रमण

  • यीस्ट संक्रमण
  • बैक्टीरियल वेजिनोसिस
  • ट्राइकोमोनिएसिस
  • क्लैमाइडिया
  • गोनोरिया
  • सिफलिस
  • हर्पीज

त्वचा संबंधी समस्याएं

  • लाइकेन स्क्लेरोसिस एक स्व-प्रतिरक्षी और आनुवंशिक कारणों से होने वाली त्वचा की बीमारी है, जो मुख्य रूप से योनि (वल्वा) और गुदा के आसपास की त्वचा को प्रभावित करती है। इसमें त्वचा पतली, सफेद और नाजुक हो जाती है और खुजली, दर्द और जलन जैसी समस्याएं होती हैं।
  • क्लिटोरल आसंजन तब होता है, जब आपका क्लिटोरल हुड आपके क्लिटोरिस से चिपक जाता है। गतिशीलता की कमी के कारण, आपकी क्लिटोरिस में दर्द हो सकता है। संक्रमण, लाइकेन स्क्लेरोसिस और हार्मोनल असंतुलन सभी क्लिटोरल आसंजन का कारण बन सकते हैं।

कैंसर

  • वल्वर कैंसर: ‘वल्वा का कैंसर’ या ‘योनि के बाहरी हिस्से का कैंसर’ कहा जाता है। योनि (वल्वा) पर कैंसर आमतौर पर आपके लेबिया (योनि के होंठ) को प्रभावित करता है, लेकिन यह आपके क्लिटोरिस (भगशेफ) और मूत्रमार्ग व योनि द्वार को भी प्रभावित कर सकता है।
  • मेटास्टैटिक कैंसर: स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर मेटास्टेसाइज़ (रोग का एक अंग से दूसरे अंग में फैलना) होकर आपके क्लिटोरिस तक फैल सकते हैं।

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भगशेफ को प्रभावित करने वाली किसी स्थिति के सामान्य लक्षण या संकेत?

  • पीड़ा या टीस: अगर सेक्स के दौरान आपके क्लिटोरिस के ग्लान्स पर बहुत ज़्यादा सीधा दबाव या उत्तेजना आती है, जिसमें वाइब्रेटर से यौन उत्तेजना भी शामिल है, तो आपके भगशेफ में पीड़ा महसूस हो सकती है।
  • दर्द: किसी चोट, संक्रमण या अन्य स्थिति के कारण आपके क्लिटोरिस (भगशेफ) में दर्द हो सकता है, इसे क्लिटोरोडिनिया कहते हैं। लाइकेन स्क्लेरोसस, क्लिटोरल आसंजन और वल्वर कैंसर जैसी समस्याओं की वजह से आपकी पूरी योनि (वल्वा) में दर्द पैदा हो सकता है।
  • खुजली: क्लिटोरिस या क्लिटोरल हुड में खुजली, क्रीम, लोशन या कठोर तत्व वाले नहाने के ऐसे उत्पादों के प्रति एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण हो सकती है। हो सकता है कि आपको अपने पार्टनर के कंडोम या अपने वाइब्रेटर में इस्तेमाल की गई सामग्री से एलर्जी हो।

भगशेफ की जांच के लिए सामान्य परीक्षण क्या हैं?

अगर आपकी भगनासा के रूप-रंग में अचानक कोई बदलाव नजर आता है, तो डॉक्टर इसका पता लगाने के लिए इमेजिंग परीक्षण या बायोप्सी कराने की सलाह दे सकते हैं।

यदि किसी शिशु का जन्म असामान्य रूप से बड़े क्लिटोरिस के साथ होता है, तो डॉक्टर हार्मोन के स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण कराने का सुझाव दे सकते हैं। वे उन मामलों में आनुवंशिक परीक्षण की सलाह भी दे सकते हैं; जिनमें शिशु के जननांग सामान्य से अलग होते हैं।

क्लिटोरिस (भगशेफ) के लिए सामान्य इलाज?

  • संक्रमण: बैक्टीरिया या फंगस के कारण होने वाले संक्रमण का इलाज डॉक्टर की सलाह से मिलने वाली क्रीम और गोलियों से किया जा सकता है।
  • कैंसर: आपके डॉक्टर कैंसर कोशिकाओं वाले त्वचा के हिस्से और उसके आस-पास के कुछ स्वस्थ ऊतकों को काटकर निकाल सकते हैं।

पहले के समय में, डॉक्टर असामान्य जननांगों को सर्जरी के ज़रिए बदलते थे ताकि वे ज़्यादा पारंपरिक रूप से पुरुष या महिला जननांगों (क्लिटोरोप्लास्टी) के जैसे दिखें।

आजकल, ज़्यादा से ज़्यादा इंटरसेक्स व्यक्ति खुद यह तय कर रहे हैं कि वे सर्जरी करवाना चाहते हैं या नहीं। अक्सर, सर्जरी की ज़रूरत तब तक नहीं होती, जब तक कि शारीरिक बनावट में अंतर आपके मूत्रमार्ग में रुकावट न पैदा करे, जिससे पेशाब करना मुश्किल हो जाए।

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आप अपने क्लिटोरिस की देखभाल कैसे कर सकती हैं?

आप अपने जननांग क्षेत्र को गुनगुने पानी और हल्के साबुन से साफ रखकर अपने क्लिटोरिस (भगशेफ) को स्वस्थ रख सकती हैं। खुशबू वाले स्प्रे और डिओडोरेंट का इस्तेमाल जननांग क्षेत्र में न करें। जब तक आपका डॉक्टर सलाह न दें, तब तक ‘डौश’ (योनि के अंदर पानी या अन्य तरल पदार्थ से सफाई) न करें।

अपनी क्लिटोरिस (भगशेफ) को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान से सुझाव:

  • साफ़ सफाई का ध्यान रखें: अगर आप या आपका साथी आपके यौनांग को उत्तेजित करने के लिए में अपनी उंगलियों या सेक्स टॉय का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके हाथ और सेक्स टॉय साफ हों।
  • पेल्विक जांच और पैप स्मीयर करवाएं: नियमित रूप से पेल्विक जांच और पैप स्मीयर जांच करवाने से डॉक्टर को ऐसी समस्याओं का जल्दी पता चल सकता है, जो आपके क्लिटोरिस को प्रभावित कर सकती हैं, ताकि आपको समय पर सही इलाज मिल सके।
  • यौन संचारित संक्रमण (STI) से बचाव: HPV वैक्सीन लगवाने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा कम हो सकता है। सेक्स के दौरान कंडोम या डेंटल डैम का इस्तेमाल करने से आप उन संक्रमणों से बच सकती हैं, जो आपके क्लिटोरिस को प्रभावित कर सकते हैं।

आखिरी बात भी बहुत महत्वपूर्ण है…

महिलाओं में, यौन उत्तेजना और आनंद के मामले में क्लिटोरिस (भगशेफ) एक मुख्य भूमिका निभाता है और आपकी यौन सेहत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। भगशेफ का ज़्यादातर हिस्सा शरीर के अंदर होता है, हालाँकि इसका एक छोटा बाहरी हिस्से भग (क्लिट) को देखा और महसूस किया जा सकता है।

अपने क्लिटोरिस को समझें, ताकि आपको पता चल सके कि सेक्स के दौरान किस तरह की उत्तेजना आपको आनंद से भर देती है, न कि दर्द से। अपने पार्टनर को बताएं कि आपको क्या अच्छा लगता है।

हालाँकि, क्लिटोरिस (भगशेफ) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं काफी कम देखने को मिलती हैं, लेकिन STI, जननांगों के एक्जिमा, यीस्ट संक्रमण और बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण क्लिटोरिस में खुजली, दर्द और जलन हो सकती है।

इस तरह से अपने शरीर को समझने से, सेक्स के दौरान या उसके बाद क्लिटोरिस (भगशेफ) में होने वाली तकलीफ से बचा जा सकता है। साथ ही, यह आपको अपने पार्टनर और अपनी कामुकता से भी जोड़ सकता है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्लिटोरिस (भगशेफ) का आकार कितना होता है?

क्लिटोरिस का आकार 9 से 11 सेमी तक हो सकता है, लेकिन इसका ज़्यादातर हिस्सा शरीर के अंदर होता है। क्लिटोरिस का जो हिस्सा बाहर से दिखाई देता है — जिसे ‘ग्लैन्स क्लिटोरिस’ या ‘हेड’ कहा जाता है — वह लगभग मटर के दाने जितना होता है।

महिला शरीर का सबसे कामुक हिस्सा कौन सा है?

क्लिटोरिस को महिलाओं में यौन आनंद और ऑर्गेज़्म (चरम सुख) का मुख्य केंद्र माना जाता है। हालाँकि, हर व्यक्ति की पसंद अलग-अलग हो सकती है, और शरीर में कई अन्य हिस्से भी होते हैं जो उत्तेजना पैदा कर सकते हैं, जैसे कि निप्पल।

क्या हर महिला के शरीर में क्लिटोरिस होता है?

आमतौर पर, हाँ। जन्म के समय लिंग का निर्धारण अक्सर शारीरिक बनावट (एनाटॉमी) के आधार पर किया जाता है, इसलिए जिन लोगों के शरीर में क्लिटोरिस होता है, उन्हें जन्म के समय महिला माना जाता है। लेकिन, जिन लोगों को जन्म के समय पुरुष माना गया था, वे जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी (लिंग परिवर्तन सर्जरी) के ज़रिए क्लिटोरिस प्राप्त कर सकते हैं।

क्लिटोरिस का क्या काम होता है?

विज्ञान के अनुसार, क्लिटोरिस का काम केवल आनंद देना है! महिलाओं के अन्य प्रजनन अंगों के विपरीत, क्लिटोरिस का यौन आनंद देने के अलावा कोई और कार्य नहीं होता है।

कौन सी स्थितियां क्लिटोरिस पर असर डाल सकती हैं?

वल्वा (बाहरी जननांग) को प्रभावित करने वाली कोई भी स्थिति क्लिटोरिस पर असर डाल सकती है, जैसे कि वैजिनाइटिस (योनि में सूजन), यौन संचारित संक्रमण (STI), या थ्रश (यीस्ट इन्फेक्शन) जैसे योनि संक्रमण। इसके अलावा, कुछ ऐसी मेडिकल स्थितियाँ भी हैं जो क्लिटोरिस के कार्य को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे कि पेल्विक फ्लोर से जुड़ी समस्याएँ और हार्मोनल असंतुलन।

 

 

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References –

https://www.webmd.com/women/anatomy-function-care-conditions-clitoris

https://www.naturalcycles.com/cyclematters/where-is-the-clitoris

https://www.healthline.com/health/womens-health/clitoral-hood

https://helloclue.com/articles/cycle-a-z/what-is-the-clitoris

https://www.medicalnewstoday.com/articles/322235

https://www.naturalcycles.com/cyclematters/where-is-the-clitoris

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Ashok Kumar
Ashok Kumar

नमस्कार दोस्तों,
मैं एक Health Blogger हूँ, और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के बारे में शोध-आधारित लेख लिखना पसंद करता हूँ, जो शिक्षाप्रद होने के साथ प्रासंगिक भी हों। मैं अक्सर Health, Wellness, Personal Care, Relationship, Sexual Health, और Women Health जैसे विषयों पर Article लिखता हूँ। लेकिन मेरे पसंदीदा विषय Health और Relationship से आते हैं।

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